DNS क्या है और कितने प्रकार के होते हैं?

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हेललो दोस्तों, आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे की DNS क्या है और कितने प्रकार के होते हैं? | इस आर्टिकल को बहुत ही आसान शब्दों में लिखा गया है | इसे आप पूरा पढिए यह आपको आसानी से समझ आ जाएगा तो चलिए शुरू करते है |

कम्प्यूटर संख्याओं (Binary) की भाषा समझता है | इसीलिए इंटरनेट में कंप्यूटरों के बीच संचार भी संख्याओं की श्रृंखला के आधार पर होता है | इंटरनेट के शुरुआती दिनों में किसी वेबसाइट पर जाने के लिए आईपी एड्रेस का इस्तेमाल किया जाता था | जिसे याद रखना आसान नहीं है. इसीलिए DNS बनाया गया | जब आप अपने वेब ब्राउज़र में एक डोमेन नाम दर्ज करते हैं, तो डीएनएस इसे कंप्यूटर पढ़ने योग्य आईपी पते में अनुवादित करता है |

DNS Kya Hai

DNS का फुल फॉर्म क्या है? (DNS Full Form)

DNS का पूरा नाम (Full Form) “Domain Name System” है |

DNS क्या है (What is DNS in Hindi)

DNS का फूल फॉर्म Domain Name System है. डीएनएस का काम User द्वारा टाइप किये गए Domain name को IP address मे बदलना होता है |

प्रत्येक वेबसाइट का अपना विशिष्ट IP Address होता है, जब आप वेब ब्राउज़र में किसी वेबसाइट का Domain Name दर्ज करते हैं, तो डीएनएस उस वेबसाइट का IP पता प्रदान करता है |

उदाहरण -: जब आप अपने वेब ब्राउज़र में google.com जैसा Domain Name टाइप करते हैं, तो इसे डीएनएस के माध्यम से 197.51.67.87 या इसी तरह के Valid आईपी पते में बदल दिया जाता है |

इसे अवश्य पढ़ें – IP Address Kya Hai ?

DNS का इतिहास (History of DNS in Hindi)

Paul Mockapetris नाम के एक कंप्यूटर वैज्ञानिक ने वर्ष 1980 में Domain Name System बनाया, ताकि IP Address को मानव भाषा में बदला जा सके | और आज से करीब 40-50 साल पहले जब इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत कम था, तब आईपी एड्रेस से वेब ब्राउजिंग और सर्फिंग की जाती थी |

लेकिन जैसे-जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से होने लगा और इसका आकार बढ़ता गया, आईपी एड्रेस याद रखना बहुत मुश्किल हो गया | और इसी को देखते हुए Paul Mockapetris ने सन 1980 में Domain Name System का आविष्कार किया ताकि IP Address के जगह सीधे वेब ब्राउज़र में Domain Name टाइप करके सर्फिंग और ब्राउजिंग की जा सके | इंटरनेट में Domain Name Space Tree को तीन भागों में बांटा गया है |

1. Generic Domain 

Generic Domain Name वे नाम हैं जो हर शब्दकोश में सरल तरीके से पाए जाते हैं, जैसे की mobile.com या car.com  है | Generic Domain Name के सरल नाम की वजह से याद रखना आसान होता है | जेनेरिक डोमेन की मदद से वेबसाइट का डेटा कंटेंट उसके नाम से ही पता चल जाता है | जेनेरिक डोमेन कुछ इस प्रकार के होते हैं |

LabelDescription
.govgovernment institutions (सरकारी संस्था)
.eduEducational institutions (शैक्षणिक संस्था)
.netnetwork support centres (नेटवर्क सपोर्ट सेंटर)
.comcommercial organization.
.orgnon profit organization.
.infoinformation service provider.

इसे अवश्य पढ़ें – SMTP Kya Hai ?

2. Country Domain

देश (Country) के नाम वाले Domain अपने देश के नाम पर सुरक्षित रखे जाते हैं यह मुख्यत अक्षर में होते हैं जैसे :-

LabelDescription
.inIndia
.usUnited State
.pkPakistan
3. Inverse Domain

Inverse डोमेन का उपयोग किसी पते को नाम से मैप करने के लिए किया जाता है |

DNS कैसे काम करता है? (How works DNS)

DNS सिस्टम IP पतों का मानव भाषा में अनुवाद करता है | आईपी एड्रेस नंबरों पर आधारित होता है डीएनएस सिस्टम नंबरों को मानव भाषा में बदल देता है ताकि वेब ब्राउजिंग के दौरान यूजर सीधे डोमेन नाम यानी वेबसाइट का नाम टाइप करके ब्राउजिंग या सर्फिंग कर सके |

DNS क्या है यह जानने के बाद अब आपको यह जानना चाहिए कि DNS कितने प्रकार के होते हैं |

Domain Name System के प्रकार

DNS Server के 4 प्रकार होते है :-

 1. DNS Resolver – DNS Resolver ISP (Internet Service Provider) के द्वारा प्राप्त किया जाता है |

इसे अवश्य पढ़ें – ISP Kya Hai ?

2. Root Name Server – इसे 12 विभिन्न संगठनों द्वारा नियंत्रित किया जाता है और इसका उपयोग पूरी दुनिया में किया जाता है | इसका उपयोग सूचनात्मक पेज बनाने के लिए किया जाता है | उदाहरण – www.root-servers.org

3. TLD Name Server – इस सर्वर में सभी डोमेन नाम और वेबसाइटों की जानकारी संग्रहीत होती है | उदाहरण – .com, .net, .in.

4. Authoritative Name Server – इसमें वेबसाइट का आईपी एड्रेस स्टोर होता है |

IP Address और Domain Name System में अंतर 

DNS में IP एड्रेस और डोमेन नाम का कार्य एक समान है | लेकिन आईपी एड्रेस संख्याओं पर आधारित होते हैं और इन्हें याद रखना थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन डोमेन नाम नामों पर आधारित होते हैं इसलिए इन्हें याद रखना काफी आसान होता है |

इसे अवश्य पढ़ें – Internet Of Things in Hindi

निष्कर्ष (Conclusion) 

दोस्तों हम आशा करते है की इस लेख से आपको पता चल गया होगा की DNS क्या है और कितने प्रकार के होते हैं? | अगर आपको इस लेख से जुड़ा कोई भी प्रश्न पूछना हैं तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। इसे अपने दोस्तों के साथ Share करें.

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