Cloud Computing क्या है? क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार और उपयोग

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क्या आप जानते है की Cloud Computing क्या है ? आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे की Cloud Computing क्या है? क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार और उपयोग | इस आर्टिकल को बहुत ही आसान शब्दों में लिखा गया है | इसे आप पूरा पढिए यह आपको आसानी से समझ आ जाएगा तो चलिए शुरू करते है |

Cloud Computing Kya Hai
Cloud Computing Kya Hai – क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है 

क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud computing) को हिंदी में “मेघ या बादल कंप्यूटिंग” कहते हैं | क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud Computing) एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसकी मदद से Data, Files या Program को इंटरनेट पर स्टोर और एक्सेस किया जा सकता है |

दूसरे शब्दों में कहे तो, क्लाउड कम्प्यूटिंग एक ऐसी तकनीक है जिसका इस्तेमाल करके information या data को इंटरनेट की सहेता से स्टोर,  मैनेज और retrieve किया जा सकता है |

क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud computing) एक सेवा (Service) है जिसका इस्तेमाल करके आप डाटा को स्टोर या एक्सेस कर सकते है | जैसे की हम कंप्युटर में डाटा स्टोर करते है तो वो डाटा हार्ड डिस्क में स्टोर रहता है लेकिन क्लॉड कम्प्यूटिंग में डाटा क्लाउड में स्टोर रहता है |

दूसरे शब्दों में कहे तो, cloud जिसे हम बदल कहते है बदल में पानी भरा होता है उसी तरह Cloud computing में digital data भरा होता है | क्लाउड में डाटा बहुत बड़े कंप्युटर में स्टोर रहता है जिसे हम Server कहते है |

उदाहरण के लिए – instagram में हम Photos, Videos या Reels को देखते है यह सब क्लाउड में स्टोर रहता है |

क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud computing) को विकसित (Developed) करने के लिए हार्ड डिस्क, डाटाबेस एर सॉफ्टवेयर ऐप्लकैशन का उपयोग किया जाता है |

अब आप समझ गए होंगे की क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud computing Kya Hai) | अब हम जानेंगे की क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud computing) के कितने प्रकार है |

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क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार 

क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud computing) के 4 प्रकार है –

Cloud Computing Kya Hai

 

1. Public Cloud

  • पब्लिक क्लाउड (Public Cloud) वह क्लाउड होता है जो इंटरनेट पर यूजर को सेवाये (Service) प्रदान करता है |
  • पब्लिक क्लाउड (Public Cloud) को Third Party के द्वारा मैनेज किया जाता है जैसे की – ( Google, Microsoft और Amazon) आदि है |
  • पब्लिक क्लाउड (Public Cloud) को कोई भी यूजर इसका इस्तेमाल कर सकता है और डाटा को स्टोर या एक्सेस भी कर सकता है |
  • इसमे आपको Pay Per Use के हिसाब से पैसा देना पड़ता है अर्थात इसका आप जितना इस्तेमाल करेंगे उतना ही पैसा आपको देना पड़ेगा |

2. Private Cloud

  • प्राइवेट क्लाउड (Private Cloud) को Internal या Corporate Cloud के नाम से भी जाना जाता है |
  • प्राइवेट क्लाउड (Private Cloud) वह होते है जिनका इस्तेमाल प्राइवेट कंपनी के द्वारा किया जाता है | प्राइवेट क्लाउड का इस्तेमाल कंपनी के द्वारा डेटा को मैनेज करने के लिए किया जाता है |
  • प्राइवेट क्लाउड (Private Cloud) में सुरक्षा (Security) बहुत अधिक होती है और इसमे डाटा को सुरक्षित रखने के लिए Firewall का इस्तेमाल किया जाता है |
  • इस प्राइवेट क्लाउड (Private Cloud) को यूजर के द्वारा मैनेज किया जाता है |

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3. Hybrid Cloud

  • हाइब्रिड क्लाउड (Hybrid Cloud) को Heterogeneous cloud भी कहते है |
  • हाइब्रिड क्लाउड (Hybrid Cloud) पब्लिक क्लाउड और प्राइवेट क्लाउड इस दोनों क्लाउड को मिलाकर बना होता है |
  • हाइब्रिड क्लाउड पब्लिक क्लाउड और प्राइवेट क्लाउड इन दोनों की सेवाये प्रदान करता है |
  • हाइब्रिड क्लाउड उस Company या Organization के लिया बहतर होता है  जिसे अधिक सुरक्षा की जरूरत होती है |

4. Community Cloud

  • कम्यूनिटी क्लाउड एक प्रकार का Distributed System है |
  • इस क्लाउड को बहुत सारी कंपनी एक्सेस कर सकती है | और इसमे डाटा को Share भी किया जाता है |
  • इस क्लाउड को एक से अधिक Company, Organization या Third Party के द्वारा मैनेज किया जाता है |
  • यह क्लाउड सुरक्षा के मामले में अच्छा होता है | और यह दूसरे क्लाउड की तुलना में काफी सस्ता होता है |

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क्लाउड कंप्यूटिंग के फायदे

  • Cloud Computing में डाटा को स्टोर करना और एक्सेस करना आसान होता है |
  • इसमे डाटा या जानकारी को Share करना भी आसान होता है |
  • इसमे यूजर मोबाईल फोन के जरिए डाटा को एक्सेस कर सकते है |
  • इस क्लाउड में यूजर जिन सेवाओ को खरीदता है उसे सिर्फ उसी का पैसा देना पड़ता है |
  • क्लाउड कम्प्यूटिंग में डाटा जैसे – फोटो, वीडियो, औडियो, फाइल, डॉक्युमेंट्स को स्टोर करने के लिए बहुत मेमोरी स्पेस होता है |

क्लाउड कंप्यूटिंग के नुकसान

  • क्लाउड कम्प्यूटिंग में हम बिना इंटरनेट के डाटा को एक्सेस नहीं कर सकते है |
  • क्लाउड कम्प्यूटिंग में आप इसकी कम सेवाओं को कण्ट्रोल और एक्सेस कर पाते है |
  • सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा क्लाउड कंप्यूटिंग को कण्ट्रोल और मैनेज किया जाता है |
  • क्लाउड कम्प्यूटिंग सुरक्षा के मामले में अच्छा है लेकिन काभी डाटा ट्रैन्स्फर करते समय Hackers डाटा को चोरी कर सकते है |

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Cloud Computing की Services

क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud Computing) में 4 सेवाएं होती है जिसे नीचे दिया गया है |

1. IaaS

  1. IaaS का पूरा नाम (Full Form) Infrastructure as a Service है |
  2. यह एक एस सर्विस है जिसमे कस्टमर को हार्डवेयर, नेटवर्किंग, डेटाबेस, वेब सर्वर और स्टॉरिज जैसे सर्विस प्रवाइड की जाती है |
  3. इसे Haas के नाम से भी जाना जाता है | इसमे यूजर को उतने ही पैसे देने पड़ते है जितना की वो इस्तेमाल करता है |

2. PaaS

  1. Paas का पूरा नाम (Full Form) Platform as a Service है |
  2. यह एक एस सर्विस प्रवाइडर है जिसमे यूजर सॉफ्टवेयर को बना सकता है और मैनेज या डिलिवर भी कर सकता है |
  3. इस सर्विस का इस्तेमाल वेब डेवलपर के द्वारा कस्टमर ऐप्लकैशन बनाने के लिए किया जाता है |

3. SaaS

  1. Saas का पूरा नाम (Full Form) Software as a Service होता है |
  2. यह एक स्पेशल सर्विस है जिसका इस्तेमाल इंटरनेट पर ऐप्लकैशन और सेवाओ को डिस्ट्रिब्यूट करने के लिए किया जाता है |
  3. इसमे ऐप्लकैशन को Run करने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि इसमे सॉफ्टवेयर , ऐप्लकैशन वेब ब्राउजर में अपनेआप run हो जाते है |
  4. इसमें IaaS और PaaS दोनों तरह की सेवाएं शामिल होती है |

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4. FaaS

  1. Faas का पूरा नाम (Full Form) Functions as a Service है |
  2. यह एक लोकप्रिय टेक्नॉलजी है | जिसका इस्तेमाल डेवेलपर्स को इंटरनेट पर एप्लीकेशन बनाने के लिए एक प्रकार प्लेटफार्म प्रदान करते है |
  3. यह सेवा यूजर के कोड को Develop करने , Calculation करने और उसे Execute करने में मदद करती है |
  4. Paas और FaaS दोनों में ही काम करने की क्षमता समान होती है |

क्लाउड कंप्यूटिंग के अनुप्रयोग

इसका उपयोग निम्नलिखित जगहों पर किया जाता है –

  1. Online Data को Stora करने के लिए
  2. Backup and Recovery लेने के लिए
  3. Testing and Development के लिए
  4. Virus से बचाने के लिए
  5. E-commerce में प्रोडक्ट को स्टोर करने के लिए

अब आप समझ गए होंगे की क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud computing Kya Hai) | और क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud computing) के कितने प्रकार है और इसके Advantages और Disadvantages क्या है |

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निष्कर्ष (Conclusion) 

दोस्तों हम आशा करते है | की इस लेख से आपको पता चल गया होगा की Cloud Computing क्या है? क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार और उपयोग | अगर आपको इस लेख से जुड़ा कोई भी प्रश्न पूछना हैं तो आप नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं।

दोस्तों और भी ऐसे Knowledging ब्लॉग इस Website – Blogiguru.com पर उपलब्ध है |आप इस वेबसाईट पर जाके आर्टिकल पढ़ सकते है |

FAQs (कुछ पूछे जाने वाले सवाल)

1. क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है?

क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud Computing) एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसकी मदद से Data, Files या Program को इंटरनेट पर स्टोर और एक्सेस किया जा सकता है |

2. क्लाउड कंप्यूटिंग कितने प्रकार के होते है?

क्लाउड कम्प्यूटिंग (Cloud Computing) के चार प्रकार होते है :- पब्लिक , प्राइवेट , हाइब्रिड और कम्युनिटी क्लाउड |

3. क्लाउड कंप्यूटिंग के फायदे क्या है ?

Cloud Computing में डाटा को स्टोर करना और एक्सेस करना आसान होता है | इसमे डाटा या जानकारी को Share करना भी आसान होता है | इसमे यूजर मोबाईल फोन के जरिए डाटा को एक्सेस कर सकते है |


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